त्रिफला चूर्ण के ये फायदे नही जानते होंगे आप | Triphala Churn ke Fayde in Hindi

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आखिर मिल ही गया त्रिफला चूर्ण के फायदे का मुख्य सोर्स!

Posted on Feb 04, 2022
आखिर मिल ही गया त्रिफला चूर्ण के फायदे का मुख्य सोर्स!
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त्रिफला को मुख्य रूप से पेट की समस्या जैसे कब्ज, गैस, बदहजमी, को दूर रखने के लिए जाना जाता है। परन्तु त्रिफ़ला चूर्ण के फायदे (Triphala churn ke fayde) इतने में ही सीमित नहीं है। पेट की समस्याओं के अलावा भी त्रिफ़ला के अन्य कई फायदे है।

आयुर्वेदिक में त्रिफला चूर्ण को बहुत ही गुणकारी और फ़ायदेमंद माना गया है। त्रिफला चूर्ण को मुख रूप से पेट की समस्या जैसे कब्ज, गैस, बदहजमी, को दूर रखने के लिए जाना जाता है। परन्तु त्रिफ़ला के फायदे इतने में ही सीमित नहीं है। पेट की समस्याओं के अलावा भी त्रिफ़ला चूर्ण के अन्य कई फायदे है। भारत में आज भी ऐसे बहुत लोग है जिन्हे नेचुरल और आयुर्वेदिक जड़ीबूटियों की परख है। ये लोग नेचुरल हर्ब्स पर विश्वास करते है और अंग्रेजी यानि केमिकल वाली दवाइयों की तरफ रुख नहीं करते है। क्योंकि बहुत सारी ऐसी छोटी-बड़ी स्वास्थ्य समस्याएं है, जिन्हे आयुर्वेदिक जड़ीबूटियॉं द्वारा आसानी से और सफल तरीके से हल किया जा सकता है।

triphla churn ke fayde


डॉक्टर्स भी इस बात से सहमत है की त्रिफला पेट की समस्याओं के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध होती है। त्रिफला चूर्ण तीन फलों को मिलाकर तैयार किया जाता है जिसमे आंवला, बहेड़ा और हरड़ को बराबर मात्रा में मिश्रित किया जाता है। इन तीनो के मिश्रण से तैयार होने के कारण यह औषधीय गुणों से भरपूर हो जाता है। जिसका सेवन आपको कई बिमारियों से बचा के रखता है। वैसे आजकल मार्केट में त्रिफला फार्मूला अलग-अलग ब्रांड के और चूर्ण तथा कैप्सूल के फॉर्मेट में मिल जाते है। परन्तु अच्छा फायदा उसी ब्रांड से मिलेगा जिसकी क्वालिटी अच्छी हो, इसलिए क्वांटिटी नहीं क्वालिटी अपनाएं। आइये आगे जानते है त्रिफला के अन्य स्वास्थ्य समस्याओं में फायदे-

त्रिफला चूर्ण के बेहतरीन फायदे (Triphala Churn ke Fayde in Hindi)

पेट की तमाम समस्याओं से छुटकारा दिलाने में लाभकारी त्रिफला चूर्ण और किन-किन समस्याओं में है फायदेमंद आइये प्रकाश डालते है।

सिरदर्द में लाभकारी त्रिफला चूर्ण

कई बार पीड़ित को सर दर्द का कारण पता नहीं चल पाता पर 90% सामान्य मामलों में सिरदर्द का मुख्य कारण गैस, कब्ज जैसी पेट की समस्याएं होती है। अगर पेट साफ़ नहीं रहता तो इसका सीधा असर दिखता है और सिरदर्द करने लगता है। त्रिफला चूर्ण, हल्दी, चिरायता, नीम के अंदर की छाल और गिलोय के मिश्रण को आधे लीटर पानी में 250ml बचने तक पकाएं। ऐसा नियमित कर गुड़ या शक्कर के साथ पीने से पेट की समस्या से उठने वाले सिरदर्द के अलावा माइग्रेन की समस्या में भी राहत मिलती है।

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हाई ब्लड प्रेशर में लाभकारी

त्रिफला चूर्ण (triphala churn) उच्च रक्तचाप की समस्या यानि हाई ब्लड प्रेशर को संतुलित करने में बहुत फायदेमंद माना जाता है। रक्तचाप को सामान्य अवस्था में रखने के लिए ३-४  त्रिफला के चूर्ण का सेवन नियमित रूप से रात को सोते समय दूध के साथ करें। इससे ब्लड प्रेशर संतुलित रहेगा इसके अलावा त्रिफला का सेवन करने से हृदय रोग, मधुमेह और में भी आराम मिलता है।

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रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए

जैसा की आप जानते है आँवला इम्युनिटी यानि की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए प्रचलित है। इस विशेष चूर्ण को तीन फलों को मिश्रित करने तैयार किया जाता है जिसमे आँवला भी होता है। यह विशेष कॉम्बिनेशन यानि की त्रिफला चूर्ण मानव शरीर की प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को बढ़ा देता है। इसके लिए आपको इसका नियमित सेवन करना चाहिए।

नेत्र स्वास्थ्य में फायदेमंद

यह विशेष त्रिफ़ला चूर्ण आज के युवा पीढ़ियों के लिए भी बहुत जरुरी है। अधिक देर तक मोबाइल या कंप्यूटर के प्रयोग से आँखों पर नीली किरणों का प्रभाव पड़ता है और आँखों की रौशनी कमजोर पड़ने लगती है। त्रिफला चूर्ण त्रिफला आंखों को स्वस्थ्य रखता है और ग्लूकोमा, कंजेक्टिवाइटिस और मोतियाबिंद जैसी समस्याओं की रिस्क को कम करता है। इसके लिए 0 ग्राम गाय के घी में एक चम्मच त्रिफला चूर्ण और पांच ग्राम शहद को मिलाकर नियमित इस्तेमाल करें।

चर्मरोग में लाभकारी

दाद, खाज, खुजली, फोड़े-फुन्सी जैसी चर्म रोग की समस्या में सुबह-शाम 6 से 8 ग्राम त्रिफला चूर्ण का सेवन अत्यंत लाभकारी होता है।  इसके अलावा मुँह की समस्या के लिए 1 गिलास पानी में 1 चम्मच त्रिफला चूर्ण मिलाकर २-३ घंटे के लिए छोड़ दें। इसके बाद इस पानी को मुँह में डालकर चारों तरफ घुमाएं। इस प्रकार मुँह में घूंट लेके और थोड़ी-थोड़ी देर बाद कुल्ला कर देने से मूक ही समस्याओं से राहत मिलती है।

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चिकित्सकों की यह भी सलाह होती है कि त्रिफला का सेवन बिना चिकित्सीय परामर्श के नहीं ना करें। क्योंकि किसी भी चीज के सेवन से पहले मात्रा का ध्यान देना बहुत जरुरी होता है। इसलिए सेवन से पहले मात्रा पे ध्यान अवश्य देना चाहिए। कई बार त्रिफला की अधिक मात्रा फायदे की जगह पर नुकसान भी दे सकती है।

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