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अर्जुन की छाल के है बहुत फायदे, जानिए सेवन करने का तरीका !

Posted on Oct 01, 2021
अर्जुन की छाल के है बहुत फायदे, जानिए सेवन करने का तरीका !
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Arjun ki Chhal ke Fayde:- अर्जुन भारत में मुख्यतः उत्तर प्रदेश, बिहार, तथा मध्य प्रदेश में पाया जाने वाला एक औषधीय बृक्ष है। इसका वानस्पतिक नाम टर्मिनेलिया अर्जुन (Terminalia arjuna) है, तथा यह कॉम्ब्रेटेसी (Combretaceae) कुल का पौधा माना जाता है। अंग्रेजी में इसे अर्जुन मायरोबलान (Arjuna myrobalan) कहा जाता है। आयुर्वेद में इसके पत्ते तथा छाल का काफी महत्त्व है। मुख्य तौर पर इसका छाल औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसे सुखाकर पावडर तैयार किया जाता है तथा इसका प्रयोग हृदय रोग, स्ट्रोक, क्षय रोग यानि टीबी तथा अन्य कई समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए किया जाता है। इसके छाल के रस को भी औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है।

अर्जुन छाल में पाए जाने वाले गुण (Properties of Arjuna Bark):-
अर्जुन के छाल की तासीर शीतल तथा स्वाद कसैला होता है। इसमें प्रमेह या डायबिटीज, अल्सर, रक्त संबंधी रोग, पित्त तथा कफ़ को कम करने का गुण पाया जाता है। अर्जुन की छाल (Arjun chhal ke fayde in hindi) में इलेजिक एसिड, ट्राईहाइड्रोक्सी ट्राईटरपीन, बीटा-सिटोस्टिरोल, मोनो कार्बोक्सिलिक एसिड जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते है जो कई रोगो से बचाव करने में मदद करते है। इसके सेवन से मांसपेशियों को बल मिलता है जिससे हृदय की पोषण क्रिया अच्छी होती है। मांशपेशियों को बल मिलने से हृदय की धड़कन ठीक और सबल होती है। इससे रक्त वाहिनियों के द्वारा होने वाले रक्त का स्राव भी कम होता है, जिससे सूजन कम होती है।

अर्जुन छाल के फायदे (Arjun Chhal ke Fayde):-

आयुर्वेद में अर्जुन छाल के अनेक फायदे बताये गए है। एक्सपर्ट की माने तो इसकी पत्ती, फल तथा छाल तीनो का औषधीय उपयोग है। इसकी छाल में टैनिन पाया जाता है। इसके अलावा इसमें पोटैशियम, मैग्निशियम और कैल्शियम भी पाया जाता है। तो आइये जानते है अर्जुन छाल के फायदे:-

दिल की धड़कन को करे संतुलित (Balance the Heartbeat):-
1 चम्‍मच अर्जुन छाल के पाउडर को 1 गिलास टमाटर के जूस में डालकर पीने से यदि दिल की धड़कने तेज हैं, तो अपने नार्मल स्पीड से चलने लगती है। इसके अलावा छाल की चाय पीने से खून पतला होता है और वेसल्स, आर्टरीज में ब्लॉकेज की समस्या नहीं होती है। यह ब्लड प्रेशर और हार्ट फेलियर से भी बचाने में मददगार साबित होती है।

डायबिटीज से राहत (Relief from Diabetes):-
अगर डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति सुबह अर्जुन छाल का काढ़ा पिए या पाउडर को गुनगुने पानी के साथ सेवन करे तो शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है, पर ध्यान रहे इसमें चीनी न मिलाएं। इसके अलावा अर्जुन की छाल, नीम की छाल, आमलकी छाल, हल्दी तथा नीलकमल चूर्ण को बराबर मात्रा में मिलाकर काढ़ा बनाकर सेवन करने से राहत मिलती है।
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रक्तप्रदर में फायदेमंद (Beneficial in Bleeding):-
महिलाओं में जब मासिक धर्म के समय अधिक रक्तस्राव होता है, ऐसे में 1 चम्मच अर्जुन छाल चूर्ण को 1 कप दूध में पकाकर थोड़ी मात्रा में मिश्री मिलाकर सेवन करने पर रक्तप्रदर में लाभ मिलता है और रक्तस्राव सही मात्रा में होता है।

क्षय रोग या टीबी में फायदेमंद (Beneficial in Tuberculosis):-
अर्जुन छाल क्षय रोग या टीबी की समस्या में अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इससे राहत पाने के लिए २-२ ग्रा. अर्जुन छाल, नागबला, तथा कौचा बीज चूर्ण में मिश्री, मधु मिला कर दूध के साथ सेवन करने से क्षय तथा खाँसी से जल्दी राहत मिलती है।

घाव को जल्दी ठीक करे (Heal Wounds Quickly):-
कभी कभी किसी चोट की वजह से या सामान्य रूप से हुआ घाव जल्दी ठीक नहीं होता ऐसे में अर्जुन छाल बहुत फायदेमंद माना जाता है। अर्जुन छाल को कूटकर पानी के साथ पकाकर घाव वाली जगह धोने से जल्दी ठीक होता है।

शुक्रमेह में फायदेमंद (Beneficial in Seman Disease):-
यह पुरुष संबंधी समस्या है जिसमे अधिक मात्रा में पुरुषों का वीर्य निकल जाता है। शुक्रमेह रोगी को अर्जुन की छाल या सफेद चंदन से बने 10-20 मिली काढ़े को नियमित रूप से सुबह-शाम पिलाने से शुक्रमेह में लाभ होता है।
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पेट की गैस और अपच में लाभकारी (Beneficial in Acidity and Indigestion):-
इस समस्या से राहत पाने के लिए 10-20 ग्राम अर्जुन छाल का काढ़ा नियमित रूप से सेवन करने से पाचन क्रिया ठीक होती है तथा एसिडिटी से राहत मिलती है।

इसके आलावा अर्जुन की छाल पेचिश, कान के दर्द, मुँह के अल्सर, मूत्र रोग, हड्डी की कमजोरी, कुष्ठ रोग, पिंपल्स, सूजन जैसी समस्याओं से भी राहत दिलाता है। परन्तु ध्यान रहे सेवन से पहले किसी चिकित्सक से सलाह लें तथा बताये गए मात्रानुसार ही सेवन करें।

इस्तेमाल करने का तरीका (Right way of Consumption):-
अगर आप ऊपर बताये गए किसी भी समस्या के लिए अर्जुन छाल का सेवन करना करना चाहते है तो मात्रा पर अवश्य ध्यान दे !

चिकित्सक के परामर्श अनुसार-
5-10 मिली अर्जुन का रस

20-40 मिली पत्ते का काढ़ा

2-4 ग्राम अर्जुन के चूर्ण का सेवन कर सकते हैं।

(यह सेवन आपको एक साथ नहीं करना है )

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