अशोक की छाल के गुण-धर्म, फायदे और नुकसान | Ashok ki Chhal ke Fayde

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अशोक की छाल के गुण-धर्म, फायदे और नुकसान!

Posted on Feb 17, 2022
अशोक की छाल के गुण-धर्म, फायदे और नुकसान!
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दोस्तों, आज हम बात करेंगे अशोक छाल और पाउडर के फायदे (Ashok ki chhal aur powder ke fayde) के बारे में कि कैसे यह  मानव जीवन को लाभान्वित करने के काम आता है। आगे जानेंगे की अशोक छाल में क्या-क्या गुण होते है जो इसे एक औषधि बना देते है। साथ ही जानेंगे की यह पुरुष और महिलाओं के किस-किस समस्या में लाभकारी होता है यानी की इसके मदद से हम किन समस्याओं से छुटकारा पा सकते है।

अशोक छाल के गुण धर्म परिचय तथा फायदे (Properties and benefits of Ashoka bark in Hindi)

अशोक पेड़ (Ashoka Tree) एक मध्यमवर्गीय हाइट और घने पत्तियों वाला पेड़ होता है। यह दो प्रकार के पाए जाते है 1- काष्टदारु 2- सीता अशोक। आयुर्वेद में अशोक के फायदे (Ashok ki chhal ke fayde) को बड़ी बखूबी से वर्णित किया गया है। अशोक का वानस्पतिक नाम Botanical name साराका अशोका (Saraca Ashoka) है। इसमें सिंदूरी या लाल रंग के फूल (Ashok ke Phool) खिलते हैं। अब बात करे इसके गुण की तो यह स्वाद में कड़वा तासीर में ठंडा और प्रकृति से लघु, रूखा, चरपरा होता है। यह अर्श या पाइल्स, रक्त संबंधी रोग, गर्भाशय की शिथिलता, सर्व प्रकार के प्रदर या लिकोरिया, बुखार, जोड़ो का दर्द और अजीर्ण या अपच आदि अनेक रोगों का नाशक है।

Ashok ki chhal ke fayde in hindi

अशोक के बृक्ष (Ashoka Tree) को हिन्दू धर्म में विशेष स्थान प्राप्त है क्योंकि हिन्दू धर्म में इसे पूज्यनीय माना जाता है। हिन्दू धर्म और वेदो के अनुसार माता सीता कई महीने तक अशोक बृक्ष के निचे रही परन्तु इन दिनों में उन्हें कभी कोई रोग-ब्याध नहीं हुआ। इसके अलावा भगवान बुद्ध को भी अशोक बृक्ष के निचे ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। अब बात करते है अशोक बृक्ष और इसके छाल के फायदे के बारे में अशोक के पेड़ की छाल, पत्ते, जड़ या इसके फूल, ये सभी आयुर्वेद (Ayurveda) में औषधीय के रूप में प्रयोग किए जाते हैं। महिलाओ के लिए अशोक पेड़ या छाल की प्राथमिकता है, क्योंकि महिलाओ की समस्या के लिए अशोक छाल सर्वाधिक उपयोग किया जाता है।

 

आइये अब जानते हैं अशोक की छाल के फायदे विस्तार से (Ashok chhal ke fayde in Hindi)

इस सेगमेंट में हम जानेंगे की अशोक छाल के फायदे (Ashok chhal ke fayde in Hindi) की यह किन समस्याओं में मुख्य रूप से औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

 

अर्श या बवासीर की समस्या में अशोक की छाल के फायदे (Ashoka Bark Benefits in Piles in Hindi)

बवासीर एक ऐसी समस्या है जो पुरुष/महिला दोनों को होता है। यह दो प्रकार का होता है खूनी और वादी। खूनी बवासीर में मालवार से मलत्याग के दौरान ख़ून निकलता है वही वादी में मलद्वार में मस्सा हो जाता है जिसमे खुजली और सूजन होती है और मलत्याग के समय बहुत दर्द देता है। इस समस्या में काष्टदारु अशोक के पत्तो को पीसकर मस्सो पर लगाने से बवासीर की समस्या से राहत मिलती है। इसके आलावा बवासीर से राहत पाने के लिए एक चम्मच अशोक पाउडर (Ashok powder ke fayde) शहद या पानी के साथ सेवन करना चाहिए।

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ल्यूकोरिया में अशोक की छाल के फायदे (Ashoka bark Benefits in Leucorrhoea)

ल्यूकोरिया को वाइट डिस्चार्ज (श्वेत प्रदर) के नाम से भी जाना जाता है। यह एक फीमेल समस्या है, आयुर्वेदानुसार ल्यूकोरिया कफ दोष के असंतुलन की वजह से होता है। ऐसे में अशोक की छाल को पानी में उबालकर पीने से आप वाइट डिस्चार्ज की समस्या से राहत पा सकते हैं। इसमें ध्यान रखने योग्य बात है कि पानी को तब तक उबालें जब तक पानी एक चौथाई मात्रा में बच जाए।

 

माहवारी (पीरियड) में अशोक की छाल के फायदे (Ashoka bark Benefits in Period Pain)

माहवारी कोई समस्या नहीं बल्कि एक नेचुरल प्रोसेस है परन्तु यह बहुत कष्टदायी होता है। इसके अलावा पीरियड की अनियमितता के महिलाओ की रक समस्या है। इस समस्या से राहत दिलाने में अशोक पाउडर और अशोक छाल दोनों फायदेमंद है। इसके लिए अशोक पाउडर को एक गिलास हल्के गर्म दूध में मिलाकर या अशोक की छाल को पानी में उबालकर सेवन करें।

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चमकदार त्वचा के लिए अशोक की छाल के फायदे (Ashoka bark Benefits for Skin )

अशोक के छाल में रक्त को शुद्ध करने का गुण मौजूद होता है। यह खून को साफ करता है और डेड स्किन को हटाने में मददगार है। साथ ही अगर आपकी स्किन ऑयली है, तो इसके इस्तेमाल से आपको फायदा मिलेगा। अशोक की छाल या पाउडर को भोजन के बाद दूध या पानी के साथ सेवन कर सकते है। इसके अलावा अशोक की छाल को स्किन पर लगाने से तैलीय और बेजान त्वचा से छुटकारा मिलता है।

 

यूरिन संबंधित समस्या में अशोक की छाल के फायदे (Ashoka bark Benefits in Urine Enfection)

महिलाओं में यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन एक आम बीमारी है, जिसमें यूरिन में जलन होती है, और बुखार आता है। इस समस्या में महिलाओं की किडनी खराब होने का भी डर रहता है। यदि समय पर इसका इलाज नहीं कराया गया तो तकलीफ और बढ़ सकती है। ऐसे में अशोक के बीज का इस्तेमाल काफी फायदेमंद हो सकता है। अशोक के बीजों को पीसकर इसका सेवन दिन में दो बार करने से यूरिन संबंधित समस्याओं से राहत मिलती है.

 

नाइट-फॉल की समस्या में अशोक की छाल के फायदे (Ashoka bark Benefits in Night fall Issues)

नाइट-फॉल यानि स्वप्नदोष पुरुषों की आम बीमारियों में से एक है। इसमें पुरुष बिना किसी फिजिकल एक्टिविटी के स्खलित हो जाता है। स्वप्नदोष की समस्या में में भी अशोक ट्री बहुत फायदेमंद है। 20 ग्राम अशोक की छाल को कूट कर 250 मिली जल में पकाएं, 30 मिली शेष रहने पर इसमें 6 ग्राम शहद मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने स्वप्नदोष की समस्या से राहत मिलती है।

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संक्रमण दूर रखने तथा इम्युनिटी बढ़ाने में अशोक की छाल के फायदे (Ashoka bark Benefits in Infection)

अशोक छाल में  एंटी-बक्ट्रियल गुण पाया जाता है जो शरीर को बैक्टीरिया मुक्त रखता है और शरीर में संक्रमण को फैलने से रोकता है। इस एंटी-बक्ट्रियल गुण के वजह से यह एक रोगप्रतिरोधक भी माना जाता है। इसके लिए आपको अशोक की छाल के पाउडर (Ashok powder ke fayde) को या छाल को पानी में उबालकर पिए।

 

मधुमेह की समस्या में अशोक की छाल के फायदे (Ashoka bark Benefits in Diabetes)

एक रिसर्च  के अनुसार अशोक की छाल में एंटी -डायबिटिक का गुण पाया जाता है जो की शर्करा की मात्रा को रक्त में बढ़ने से रोकता है। इसलिए अशोक छाल का प्रयोग मधुमेह को नियंत्रित करने में सहायक होता है।

अशोक की छाल के फायदे इतने तक ही सीमित नहीं है इसके अलावा भी यह पथरी , पेट से कीड़ा निकालने, दस्त रोकने, लूज वैजाइना को टाइट करने, टूटी हुई हड्डी को जोड़ने, मुंहासों को मिटाने, अल्सर से छुटकारा पाने, यादाश्त बढ़ाने, गोनोरिया या पूयमेह जैसी अनेको रोगो में लाभकारी साबित होता है।

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अशोक का कौन सा भाग सर्वाधिक उपयोग किया जाता है?

आयुर्वेद में अशोक वृक्ष की छाल, पत्ता, फूल तथा बीज का प्रयोग औषधि के लिए किया जाता है। परन्तु सर्वाधिक मात्रा में अशोक के छाल का उपयोग किया जाता है।

 

अशोक के छाल को इस्तेमाल करने का सही तरीका-

चिकित्सक के परामर्श के अनुसार-

50 मिली अशोक के छाल का काढ़ा या 2-4 ग्राम बीज चूर्ण, अथवा 1-3 ग्राम पुष्प चूर्ण का सेवन कर सकते हैं।

(ध्यान रखें सभी फॉर्मेट के अशोक औषधि को एक साथ सेवन न करें)

 

नोट- आयुर्वेदिक हर्ब्स में मात्रा का ध्यान देना सबसे जरुरी है वरना फायदे की जगह नुकसान (ashok ki chhal ke nuksan) हो सकता है और उलटी, मितली, चक्कर, स्कीन एलर्जी, जैसे आम दुस्प्रभाव देखने को मिल सकते है। इसलिए मात्रा का ध्यान अवश्य दें। अगर आप किसी ख़ास बीमारी के इलाज के लिए अशोक का उपयोग कर रहे हैं तो कृपया आयुर्वेदिक चिकित्सक या हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह ज़रूर लें। गर्भवती महिलाये इसके उपयोग से बचें।

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